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Supaul Canal Cleaning News: सुपौल में नहर सफाई अभियान तेज, डीएम ने खेतों तक पानी पहुंचाने के दिए निर्देश

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सुपौल में किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा देने के लिए नहर सफाई और तटबंध मरम्मत का कार्य तेज कर दिया गया है। डीएम सावन कुमार ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए।

सुपौल/आलम की खबर:बिहार के सुपौल जिले में किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। खरीफ फसल के मौसम से पहले नहरों की सफाई और तटबंधों की मरम्मत को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को जिलाधिकारी सावन कुमार ने सदर प्रखंड के लौकहा पंचायत पहुंचकर “हर खेत तक सिंचाई का पानी” योजना के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। डीएम ने मौके पर पहुंचकर नहरों की सफाई, गाद निकासी और तटबंध मरम्मत की स्थिति का जायजा लिया तथा अधिकारियों को तेजी और गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कजरा माइनर नहर में चल रहे डिसिल्टिंग कार्य को बारीकी से देखा। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि नहर की सफाई निर्धारित मानक के अनुसार हो रही है या नहीं। डीएम ने स्पष्ट कहा कि यदि नहरों की सफाई सही तरीके से नहीं हुई तो खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाएगा और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि अंतिम छोर तक बसे किसानों को भी सिंचाई का पूरा लाभ मिले।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा मनरेगा और वीबी-जी-राम-जी योजना के संयुक्त सहयोग से कराया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य जिले की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाना है ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त पानी मिल सके और खेती की लागत कम हो।

डीएम सावन कुमार ने निरीक्षण के दौरान नहर के किनारे बने तटबंधों की भी जांच की। कई जगहों पर तटबंध कमजोर पाए गए, जिस पर उन्होंने अभियंताओं को तुरंत मरम्मत कार्य तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम से पहले सभी कमजोर हिस्सों को मजबूत करना बेहद जरूरी है, ताकि बाढ़ और कटाव की स्थिति में गांवों और खेतों को नुकसान न पहुंचे।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी प्राक्कलन और तय मानकों के अनुसार ही काम होना चाहिए। गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि सरकारी राशि जनता की मेहनत की कमाई है और इसका सही उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने मुख्य नहर से निकलने वाली उप शाखा नहरों की भी स्थिति देखी। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां-जहां ह्यूम पाइप लगे हैं, वहां अच्छी तरह सफाई कराई जाए ताकि पानी का प्रवाह बाधित न हो। उन्होंने कहा कि कई बार छोटी-छोटी रुकावटों के कारण अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाता, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

स्थानीय किसानों ने भी डीएम के सामने अपनी समस्याएं रखीं। किसानों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से नहरों में गाद भर जाने के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इससे किसानों को डीजल पंप के सहारे महंगी सिंचाई करनी पड़ती थी। किसानों ने उम्मीद जताई कि इस बार यदि नहरों की सफाई सही तरीके से हुई तो खेती में काफी फायदा मिलेगा और फसल उत्पादन बढ़ेगा।

डीएम सावन कुमार ने किसानों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि मजबूत सिंचाई व्यवस्था ही कृषि विकास की सबसे बड़ी आधारशिला है। यदि समय पर खेतों तक पानी पहुंचेगा तो किसानों की आय भी बढ़ेगी और कृषि उत्पादन में सुधार होगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। साथ ही नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए ताकि कहीं भी लापरवाही न हो। डीएम ने कहा कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य इलाकों में भी इसी तरह निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।

इस मौके पर डीआरडीए सुपौल के निदेशक अनित कुमार, मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग के अभियंता, पंचायत प्रतिनिधि और कई ग्रामीण मौजूद रहे। अधिकारियों ने डीएम को बताया कि जिले के कई अन्य इलाकों में भी नहर सफाई अभियान चल रहा है और जल्द ही पूरे नेटवर्क को दुरुस्त कर लिया जाएगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि यदि योजनाओं की इसी तरह निगरानी होती रही तो किसानों को वास्तविक लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने कहा कि पहले कई योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती थीं, लेकिन अब अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में सिंचाई व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है। समय पर पानी मिलने से न केवल फसल उत्पादन बढ़ता है बल्कि किसानों की लागत भी कम होती है। ऐसे में नहरों की सफाई और मरम्मत का यह अभियान किसानों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

फिलहाल जिला प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि जिले के हर खेत तक पानी पहुंचे और किसानों को सिंचाई के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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